लप्रेक (लखनवी प्रेम कथा )



#लप्रेक... (लखनवी प्रेम कथा )
वो अपने शातिर मज़ाक से हरदम उसको रुला देता है ।
रोती सुबकती  कहती है , 'जब मैं इतनी अच्छी नही लगती तो जाओ अपने लिए कोई कैटरीना ढूंढ लो '
व इतना सुनकर अपनी हंसी की रोकने की नाकाम कोशिश करने लगता है । फिर हंसते हुए ही उसे बाहों में भर लेता है ...
उसके आंसुओं को पोछते हुए कहता है - अरे मेरी मोटा !!!  तू कितनी नाज़ुक है बे !!! थोड़ा सा मज़ाक भी नही समझती । तेरी बुद्धि भी तेरी तरह मोटी हो गयी है ...
'कोई ऐसा भी मज़ाक करता है क्या अपने प्यार के साथ' ? जब देखो तब तुम मेरा मज़ाक उड़ाते हो .....  वह तुनककर कहती है ...
वो नादान सी बातों पर फिर हँसने लगता है .. खुद को संभालता हुआ उसे समझाता है -'तू भी ना मोटा !!फर्जी में बात का बतंगड़ बना देती हो .....अरे मेरी जान,,,,,,,, लोग दोस्ती में प्यार ढूंढते हैं, लेकिन मैं प्यार में दोस्ती चाहता हूँ'।
क्या लगता है तुम्हे ?मैं तुम्हे प्यार नही करता !!! अच्छा चल बता , तू मुझे मूवी कब दिखा रही हो ...  हँसते हुए उसके हाथों को अपने हाथ में ले लेता है।
'जाओ मैं तुमसे बात नही करती !!! नही देखना मुझे कोई मूवी उवी ..तुम हमेशा यही करते हो , मुझे रुलाते हो' ...
कान पकड़ कर कहता है -' अच्छा बाबा सॉरी !! सॉरी!! सॉरी !!!!! अब नही कहूँगा कभी'।
ये देखकर वो हंसने लगती है  - 'बस !बस !! बुद्धू कहीं के ... अब दुबारा कहा तो सोच लेना काट लुंगी तुम्हे मैं । तुम हमेशा मुझे रुलाते हो '...
'अब तो बस  करो यार ये शिकायतें '!! .....
'अच्छा ठीक है अब नही करुँगी शिकायत फिर .... आई लव यू टू यार' !!!!
आई लव यू टू ?? मैंने कब तुम्हे लव यू बोला बे ? - उसे छेड़ते हुए , वो जोर से हँसने लगता है...
'तुम कभी नही सुधरोगे ,,,रुको मैं बताती हूँ ' ... वो हंसती हुई उसे मारने दौड़ती है ...
वो खिलखिला कर हँसते हुए भागता है ...........
#happy_velentine_day..  ❤❤❤❤❤

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