एक्सक्यूज़ मी.. आप साहिल हैं ना?
हूँ तो मैं साहिल ही.. लेकिन, सवाल गलत है..
वो कैसे?
सही सवाल तुम साहिल हो ना? होता है...
अच्छा..
हां और क्या 10 साल के बाद कोई मिलता है तो तुम से आप थोड़ी ना हो जाता है...
अच्छा... मुझे लगा कि शायद तुम्हें अब तुम कहूं तो शायद बुरा ना लग जाए, इसलिए आप कहा.. अब तुम 10 साल पहले वाले तुम नहीं रहे ना...
ऐसा नहीं है, मैं तो वही हूं, बस लोगों ने मेरे बारे में राय....
(बात बीच में काटते हुए) अच्छा छोड़ो, ये बताओ अब तो शहर से बहुत इश्क सा हो गया होगा तुमको..
शहर या सहर..
ओफ्हो लेखक महोदय.. अब तुम एक्सेंट भी पकड़ने लगे... वैसे मैंने शहर कहा...सहर नहीं..
(ठहाका लगाने के बाद) नहीं... ऐसा नहीं है, शहर और सहर दो अलग-अलग चीजें हैं ना.. तो सोचा क्लियर कर लें..
हां तो तुम्हारी तो बहुत सी सहर होंगी... लव गुरु जो हो..
(थोड़ा सा झेंपते हुए).. क्या यार तुम भी मौज लेने के मौके नहीं छोड़ती...
अच्छा छोड़ो, अभी भी तुम्हारे दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड के लिए तुमसे लव लेटर लिखवाने आते हैं...
नहीं यार, अब डिजिटल इंडिया में लव लेटर कौन लिखता है?
तुम तो पक्का लिखते होगे अपनी वाली को...
नहीं यार, सिंगल हूँ...
क्यों कोई पसंद नहीं आई क्या?
हां तभी तो..
अच्छा कैसी चाहिए लड़की तुमको...
(कुछ देर सोचने का नाटक करने के बाद)... एक ऐसी लड़की, जो हंसे तो उसके दोनों गालों में डिम्पल पड़ता हो...
वो हंसते हुए अपने दोनों गालों के डिम्पल को दोनों हाथों से छिपाते हुए बोली- बुद्धू हो तुम... कभी नहीं सुधरोगे....
- क्रमशः
गज़ब गुरु मान गए,
ReplyDeleteजबर्दस्त लिखा है आपने
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