बात जब भी सफर की आती है और हम
उसके बारे जब भी बात करते हैं तो अक्सर एक चीज का जिक्र करना लगभग ही भूल जाते हैं
हम , जिसके बिना ये सफर संभव ही नहीं , और वो है पहिया ।क्या
कभी सोचा भी जा सकता है इसके बिना किसी सफर
के बारे मे ? शायद नही । ऐसे ही हम उन महत्वपूर्ण चीजों को अक्सर
तवज्जो देना भूल जाते हैं जिसके बिना वो पल संभव नहीं होता । और कोई भी सफर बिना पहियों
के पूरा नहीं हो सकता । ऐसे ही हम जिंदगी के सफर की बात करते हैं , तो इसका मतलब की इस सफर मे भी पहिये जैसी कोई चीज जरूर होगी , जिस पर हम ध्यान नहीं देते । जिंदगी
का सफ़र चलता ही रहता है चाहे कितनी भी मुश्किले ही क्यू ना आए । इस सफर मे मंज़िले बहुत
आती हैं ,कुछ मंज़िले इतनी प्यारी होती है कि जहां हम चाहते है
की बस ये सफर यही थम जाये लेकिन समय का पहिया कभी रुकता नहीं , और वो मंजिल भी जाने अंजाने हमसे बिछड़ ही जाती है ।
फिल्म ‘’भूतनाथ’’ का गाना ‘समय का पहिया
चलता है , दिन ढलता है ,रात आती है ‘ एक ही लाइन मे जिंदगी के सफ़र को बयाँ करता है , समय
का पहिया ही हमे अपने -पराये का भेद कराता है । इस पहिये से ही जीवन को समझने की प्रेरणा
मिलती है । ना जाने इस पहिये से चलकर हम कितने रिश्तों मे बध जाते हैं । इस सफर मे
जो निरंतर चलता है उसे मंजिल जरूर मिलती है , जो समय के साथ नहीं
, उसे समय का पहिया पीछे छोड़ जाता है । हम अक्सर जिंदगी की उल्झनों
मे उलझकर रह जाते हैं , कभी डर से आगे नहीं बढ़ते तो कभी परंपरा
का हवाला देकर हम अपना रास्ता बदल लेते हैं , लेकिन जिसने समय
को बदलने की कोशिश ना की वो हमेशा तक़दीर को ही दोष देता रहा जाता है और समय आगे बढ़
जाता है ।
राजू दहिमा की गायी गज़ल की ये लाइने ‘ समय का पहिया चलता है , उस पहिये के साथ किसी का भाग्य
बदलता है ‘ आगे की लाइनों मे राजा हरीशचंद के भी अंतिम समय के
सफर मे बिना कफन को बताते हुए समय के पहिये का महत्व बतलाया गया है। और है भी तो यही, ना जाने कितने राजा रंक बने , और रंक , राजा बन गए सब समय के पहिये का ही फेर तो है । किसी ने क्या खूब कहा है ‘गरीब पैदा होना अपराध नहीं है , अपराध तो गरीब मरना है
। हो हौसला तो जिंदगी संवर ही जाती है , वरना तक़दीर को दोष देते
देते जिंदगी भी बीत ही जाती है । जिंदगी के इस फलसफे को समझना बहुत जरूरी है , और उससे भी जरूरी है जिंदगी के सफर मे , समय के पहिये
की गति से चलना ।
वक़्त को बदलने का हौसला रखने वालों ने वो सब करके दिखाया है , सोच भी बदली है लोग भी बदले हैं । जरा सोचिए अगर ये हमारी तरह ही एक जगह हार मान कर बैठ जाते तो क्या होता ? बस साथी अगर ठान लो दिल से तो कोई काम असंभव नहीं , समय ने किसी को नहीं बख्शा है , हिम्मती लोगो ने वक़्त को बदला है । समय का पहिया भी, ज़िंदादिल इन्सानो के इशारों पर चलता है । बस धैर्य रखो , ना सोचो क्या खो दोगे , बल्कि ये सोचो की क्या पा लोगे , और समाज को क्या दे दोगे । सोच बदलनी ही होगी ।
वक़्त को बदलने का हौसला रखने वालों ने वो सब करके दिखाया है , सोच भी बदली है लोग भी बदले हैं । जरा सोचिए अगर ये हमारी तरह ही एक जगह हार मान कर बैठ जाते तो क्या होता ? बस साथी अगर ठान लो दिल से तो कोई काम असंभव नहीं , समय ने किसी को नहीं बख्शा है , हिम्मती लोगो ने वक़्त को बदला है । समय का पहिया भी, ज़िंदादिल इन्सानो के इशारों पर चलता है । बस धैर्य रखो , ना सोचो क्या खो दोगे , बल्कि ये सोचो की क्या पा लोगे , और समाज को क्या दे दोगे । सोच बदलनी ही होगी ।
Bahut sahi kaha pahiya hmre safar ki sathi....
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