लखनऊ मेट्रो और जाम....

                                    

किसी से कहते सुना था कि,अच्छी सुबह के लिए काली रात बितानी पड़ती है । यह जुमला लखनऊ कि ट्रैफिक व्यवस्था पर बिलकुल सटीक बैठता है,क्योंकि आजकल लखनऊ मे मेट्रो रेल का निर्माण कार्य चल रहा है ,जिसकी वजह से चारबाग से लेकर मवइया होते हुये आलमबाग के रास्ते नादरगंज (अमौसी एयरपोर्ट के पास तक ) तक जाम ही जाम है,अगर आप इधर आ रहे हो तो कम से कम 2 घंटे ज्यादा लेकर आए ।
                  वैसे मैं ये सोच रहा हूँ कि अगर मेट्रो के आने के बाद जाम से मुक्ति मिल गयी तो,हम बहुत से ऐसे पलो को खो देंगे जो अक्सर जाम के दौरान देखने को मिलते हैं जैसे -2 बाइक वालो का पहले निकालने के चक्कर मे झगड़ना, बगल मे कौन खड़ा है उसको घुरना,गाने सुनते हुये उसे गुंगुनाना आदि आदि ॥ और हाँ जो सबसे ज्यादा मिस होगा वो है ट्रक जैसी बड़ी गाड़ियों पर लिखे स्लोगन जैसे - बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला, या तुम कब आओगे ,फिर मिलेंगे , इन सबके बीच सबसे मजेदार स्लोगन ''सटला त गयिला बेटा '' । तो जब तक मेट्रो बनती है तब तक ट्रैफिक जाम का मजा उठाये । मेट्रो के आने तक ''मुस्कुराइए कि आप ट्रैफिक जाम मे फंसे हैं'' ।

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